
A Short Life of Swami Vivekananda
स्वामी विवेकानन्द का संक्षिप्त जीवन
A concise biography of the monk who awakened a nation — a gentle place to begin.

Awaken
जागो
तमसो मा ज्योतिर्गमय
From darkness, lead me to light.
Bṛhadāraṇyaka Upaniṣad I.3.28
एक पंक्ति में
कक्षा 9–12 के विद्यार्थी रोज़मर्रा की रचनात्मकता के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के जीवन और शिक्षाओं से जुड़ते हैं, और सर्वश्रेष्ठ को राष्ट्रीय समापन तक सम्मानित किया जाता है।
यह राष्ट्र के साथ जुड़ाव को सुदृढ़ करने की एक राष्ट्रीय युवा पहल है, जो भारत की सनातन संस्कृति और सभ्यता में निहित है — न कि धार्मिक या राजनीतिक।
Jago Yuva, Jago Bharat (जागो युवा, जागो भारत) is a national youth initiative of Advaita Ashrama — a publication centre of Ramakrishna Math, Belur Math — in collaboration with the Ministry of Culture, Government of India, and the Centre for Cultural Resources and Training (CCRT), inspired by the life and teachings of Swami Vivekananda.
तुम जो सोचते हो, वही बन जाओगे। यदि तुम स्वयं को दुर्बल समझोगे, तो दुर्बल बनोगे; यदि सबल समझोगे, तो सबल बनोगे।
Swami Vivekananda
यह किस पर आधारित है
उठो, हे सिंहो! इस भ्रम को त्याग दो कि तुम भेड़ हो; तुम अमर आत्माएँ हो — मुक्त, धन्य और सनातन।
स्वामी विवेकानंद
पढ़ें। मनन करें। रचें। अभिव्यक्त करें। प्रतिनिधित्व करें।
हर विद्यार्थी के लिए एक ही राह — दो पुस्तकों से राष्ट्रीय मंच तक।
01
हर विद्यार्थी को स्वामी विवेकानंद के जीवन और आह्वान पर दो प्रेरक पुस्तकें मिलती हैं।
02
कालजयी विचारों और आपके जीवन तथा आज के भारत में उनकी प्रासंगिकता पर मनन करें।
03
अपने विचारों को उस रचनात्मक रूप में अभिव्यक्त करें जो आपसे जुड़ता है।
04
विद्यालय की प्रतियोगिताओं में भाग लें और अपना सर्वश्रेष्ठ कार्य प्रस्तुत करें।
05
विद्यालय → राज्य → राष्ट्रीय मंच। अपनी आवाज़ को एक बड़े मंच पर पहुँचाएँ।
क्या आप विद्यार्थी हैं? यह यात्रा आपसे आरंभ होती है।
देखें विद्यार्थी क्या करते हैंएक विचार लो। उस एक विचार को अपना जीवन बना लो।
स्वामी विवेकानंद
अद्वैत आश्रम प्रकाशन
विद्यार्थी इन आधारभूत कृतियों से आरंभ करते हैं — वह उपजाऊ भूमि जिससे भाषण, निबंध, कला और नेतृत्व अंकुरित होते हैं।

स्वामी विवेकानन्द का संक्षिप्त जीवन
A concise biography of the monk who awakened a nation — a gentle place to begin.

राष्ट्र को आह्वान
Vivekananda’s stirring words to the youth of India — the heart of the programme’s theme.

“उठो! जागो! और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”