विद्यालयों के लिए
अपने विद्यालय का पंजीकरण करें और अपने विद्यार्थियों को एक राष्ट्रीय मंच दें — अध्ययन सामग्री, संरचना और संयुक्त प्रमाणन के साथ, वह भी न्यूनतम प्रशासनिक प्रयास में।
राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप
JYJB चार राष्ट्रीय ढाँचों पर आधारित है। आपके संस्थान के लिए, इसमें भाग लेना उन लक्ष्यों की ओर गिना जाता है जिन पर आप पहले से कार्य कर रहे हैं।
विद्यार्थियों की ऊर्जा को एक आत्मनिर्भर, विकसित भारत की ओर प्रवाहित करता है।
राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और साझा गौरव।
अनुभवजन्य, मूल्य-आधारित शिक्षा जो आपके शैक्षणिक लक्ष्यों के अनुरूप है।
स्वामी विवेकानंद का युवाओं को आह्वान, आपके परिसर में।
विद्यालयों के लिए महत्व
न्यूनतम प्रयास। अधिकतम प्रभाव।
राष्ट्रीय मंच पर विद्यार्थियों की प्रतिभा प्रस्तुत करें।
अद्वैत आश्रम, संस्कृति मंत्रालय और CCRT की ओर से।
आत्मविश्वास, रचनात्मकता और चरित्र का निर्माण करें।
आयोजन, मूल्यांकन और प्रस्तुतीकरण में आसान।
मूल्य-आधारित, ज़िम्मेदार नागरिकों को प्रेरित करना।
हम ऐसी शिक्षा चाहते हैं जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विस्तार हो, और जिससे व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
स्वामी विवेकानंद
इसे कैसे चलाएँ
एक तैयार संरचना जिसे आपका समन्वयक विद्यालय के कैलेंडर के साथ चला सकता है।
एक छोटा-सा साइन-अप आपके विद्यालय को आगे रखता है।
विवेकानंद की कृतियाँ पुस्तक-संग्रह में सभी के लिए खुली हैं; साथ ही इसे चलाने की एक तैयार योजना भी मिलती है।
विद्यार्थी रील, निबंध, कला, वक्तृत्व और नाटिका में भाग लेते हैं।
एक सरल प्रक्रिया के माध्यम से प्रविष्टियाँ चुनें और प्रस्तुत करें।
चयनित कार्य को राज्य स्तर पर मान्यता दी जाती है।
सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय मंच तक पहुँचते हैं; प्रतिभागियों को संयुक्त प्रमाणन मिलता है।
ऐसी पहचान जो महत्व रखती है

अद्वैत आश्रम, संस्कृति मंत्रालय एवं सांस्कृतिक स्रोत तथा प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणित।
अपने विद्यालय को प्रेरित करें
अपने विद्यालय का विवरण एक बार भरें और तैयार किट डाउनलोड करें — सूचना-पट पोस्टर, साइन-अप शीट, प्रार्थना-सभा घोषणा, शिक्षक चर्चा-बिंदु और अभिभावक परिपत्र, अंग्रेज़ी या हिंदी में।
जानने योग्य बातें
पात्रता, स्टाफ के प्रयास, सामग्री, प्रमाणन और मुख्य तिथियों पर उत्तर — या सीधे हमें लिखें और हम सहायता करेंगे।
आइए, मिलकर वह भारत बनाएँ जिसका स्वप्न स्वामी विवेकानंद ने देखा था।
इस वर्ष अपने विद्यार्थियों के लिए JYJB लाएँ।