प्रविष्टियाँ अब खुली हैं। साइन इन करें और हर श्रेणी में अपने विद्यालय की शीर्ष तीन प्रविष्टियाँ जमा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jago Yuva, Jago Bharat (जागो युवा, जागो भारत) में भाग लेने की मुख्य बातें। अनुभागवार देखें, या सभी में खोजें। किसी और बात के लिए, हमें लिखें।

जागो युवा, जागो भारत क्या है?

विद्यालयी विद्यार्थियों के लिए एक राष्ट्रव्यापी युवा पहल, जिसकी परिकल्पना और आयोजन अद्वैत आश्रम द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया गया है, और जो स्वामी विवेकानंद के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरित है। इसे विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय स्वप्न के अनुरूप क्रियान्वित किया जाता है, और इसका उद्देश्य रचनात्मक तथा बौद्धिक अभिव्यक्ति के माध्यम से आत्मविश्वासी, मूल्य-आधारित और सामाजिक रूप से जागरूक युवा नागरिकों का निर्माण करना है।

इसका आयोजन कौन कर रहा है, और किसके सहयोग से?

यह अद्वैत आश्रम की एक पहल है, जिसका आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, और सांस्कृतिक स्रोत तथा प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) के साथ किया गया है। विद्यालयी कार्यक्रम के लिए, CCRT — संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था — राष्ट्रीय समन्वय एजेंसी के रूप में कार्य करती है, जो 13 सहभागी राज्यों और 3 केंद्र-शासित प्रदेशों में अद्वैत आश्रम तथा मंत्रालय के साथ मिलकर, राज्य शिक्षा विभागों, जिला शिक्षा अधिकारियों और CCRT जिला संसाधन व्यक्तियों के समन्वय से कार्य करती है।

कौन भाग ले सकता है?

कक्षा 9–12 के विद्यार्थी। सहभागी विद्यालयों में सरकारी विद्यालय, सरकारी-सहायता प्राप्त विद्यालय, मान्यता-प्राप्त निजी विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, तथा मान्यता-प्राप्त शिक्षा बोर्डों से संबद्ध विद्यालय शामिल हैं। फिलहाल कार्यक्रम का केंद्र केवल कक्षा 9–12 है।

ज़मीनी स्तर पर कार्यक्रम कौन चलाता है?

एक पाँच-स्तरीय संरचना। राष्ट्रीय स्तर पर: अद्वैत आश्रम, संस्कृति मंत्रालय और CCRT, जिसका राष्ट्रीय समन्वय निदेशक, CCRT द्वारा किया जाता है। उसके नीचे CCRT के क्षेत्रीय केंद्र; फिर प्रत्येक राज्य (विद्यालय शिक्षा विभाग से एक राज्य नोडल अधिकारी, एक CCRT राज्य प्रभारी अधिकारी और एक अद्वैत आश्रम राज्य स्वयंसेवक); और प्रत्येक जिला (जिला शिक्षा अधिकारी, CCRT जिला संसाधन व्यक्तियों और अद्वैत आश्रम स्वयंसेवकों के साथ)। आपका पहला संपर्क आपके विद्यालय नोडल शिक्षक हैं।

क्या यह आगामी वर्षों में भी चलेगा, या यह एक बार का है?

इसे प्रतिवर्ष चलाने के लिए बनाया गया है। यदि प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही, तो कार्यक्रम आगे के वर्षों में भी जारी रहेगा।

क्या यह कार्यक्रम धार्मिक या राजनीतिक प्रकृति का है?

नहीं। यह एक राष्ट्रीय पहल है, जो भारत की संस्कृति और सभ्यता में निहित है, और विकसित भारत @2047 के स्वप्न के अनुरूप है।

Showing परिचय